CETA समझौते से UK-भारत में व्यापार 25.5 अरब पाउंड बढ़ने का अनुमान
यूनाइटेड किंगडम (UK) और भारत के बीच होने वाले व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) से दोनों देशों के बीच हर साल 25.5 अरब पाउंड (करीब 3,200 अरब रुपये) का व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।
मुंबई में हुए CETA मार्केटप्लेस कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए बताया गया कि इस समझौते का मुख्य मकसद दोनों देशों के कारोबारियों के लिए आपस में जुड़ना आसान बनाना है। इससे बेवजह के नियमों में कमी आएगी और वे ज्यादा कुशलता से मिलकर काम कर पाएंगे।
ब्रिटेन 200 कंपनियों को भारत लाया
CETA मार्केटप्लेस कार्यक्रम में UK और भारतीय कंपनियों को एक मंच पर लाया गया, ताकि वे आपस में नई साझेदारियां बना सकें। दक्षिण एशिया के लिए UK की उप व्यापार आयुक्त जया चौरसिया ने बताया, "हम ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में कई नए मौकों की तलाश कर रहे हैं।"
इस समझौते की शुरुआत के साथ UK करीब 200 ब्रिटिश कंपनियों को भारत लेकर आया है। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मेडिकल डिवाइस जैसे कई नए क्षेत्रों में भी व्यापार के नए रास्ते खुल गए हैं।