केंद्र सरकार ने रेयर अर्थ समेत 29 PLI परियोजनाओं को दी मंजूरी
क्या है खबर?
देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में 30 मार्च को सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 7,104 करोड़ रुपये के 29 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स में भारत की पहली रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने वाली यूनिट भी शामिल है, जो करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होगी और देश को नई दिशा देगी।
जोर
स्वदेशी तकनीक पर खास जोर
इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह मैग्नेट प्रोजेक्ट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कंपनी की अपनी तकनीक और बौद्धिक संपत्ति है, जिससे देश को बाहरी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इस तरह के प्रोजेक्ट से भारत में नई तकनीक विकसित होगी और घरेलू कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे उद्योग क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट
कई राज्यों में फैले हैं प्रोजेक्ट
ये सभी बड़े प्रोजेक्ट 16 अलग-अलग प्रोडक्ट श्रेणियों में फैले हुए हैं, जिनमें लिथियम आयन सेल, फ्लेक्सिबल PCB, कनेक्टर और डिस्प्ले मॉड्यूल शामिल हैं। ये प्रोजेक्ट देश के आठ राज्यों में लगाए जाएंगे, जिनमें कर्नाटक और महाराष्ट्र सबसे आगे हैं। भारत सरकार का कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स से 14,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी और उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
लक्ष्य
लोकल उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी प्रोजेक्ट्स के जरिए देश में स्थानीय उत्पादन को बढ़ाया जाए। अनुमान है कि इससे रेयर अर्थ मैग्नेट की 25 प्रतिशत जरूरत देश में ही पूरी हो सकेगी। इसके अलावा, PCB और लिथियम आयन बैटरी में भी लोकल उत्पादन बढ़ाने की योजना है। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और सप्लाई चेन मजबूत बनेगी, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा।