क्या सरकार छोटे शहरों में बंद करने जा रही ATM? नकदी की आ रही समस्या
छोटे शहरों में भारी संख्या में ATM नकदी की कमी के कारण बंद होने के कगार पर हैं। ATM उद्योग परिसंघ (CATMi) ने कहा है कि पैसों की किल्लत अब छोटे शहरों और कस्बों में बहुत ज्यादा बढ़ गई है और इसके लिए उसने सीधे तौर पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को जिम्मेदार ठहराया है।
उद्योग संगठन ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को पत्र लिखकर कहा है कि SBI का पूरा ध्यान बड़े मेट्रो शहरों पर है, जिसकी वजह से छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में ATM में अक्सर पैसे नहीं होते। इससे लोगों को जरूरत के समय नकदी निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
ATM ऑपरेटर्स को भारी नुकसान
ATM चलाने वाले भी इस मुश्किल समय से गुजर रहे हैं और उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। उनका कुल नुकसान अब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इसकी वजह यह है कि ATM से पैसे निकालने वालों की तादाद कम हो गई है और कई मशीनें काम नहीं कर रही हैं। मजदूरी बढ़ने और तेल के दाम बढ़ने से भी उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
2024-25 में पूरे देश में ATM की कुल तादाद घटकर 2.51 लाख रह गई है और यह गिरावट ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखी गई है। यही नहीं, जनवरी, 2023 से सितंबर, 2025 के बीच ATM से निकाले गए पैसों में करीब 23 फीसदी की गिरावट आई है। कई मशीन पर्याप्त नकदी न होने के कारण खाली पड़ी रहती हैं।
CATMi ने SBI को चेतावनी दी है कि वे 20 जून तक इस समस्या को ठीक कर लें, वरना आने वाले समय में और भी बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं।