200 डॉलर प्रति बैरल होगी कच्चे तेल की कीमत, क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े गैस संयंत्र को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने भी कतर और सऊदी अरब में बुनियादी उर्जा ढांचों पर हमले किए हैं। युद्ध में खुले इस नए मोर्चे ने वैश्विक तेल बाजार को संकट में डाल दिया है। कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। आशंका है कि ये आंकड़ा 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
कीमत
अभी कितनी है कच्चे तेल की कीमतें?
फिलहाल ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया है, जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) 100 डॉलर के आसपास है। ब्रेंट के दाम में आज ही आज में 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 146.09 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। मार्च में भारतीय कच्चे तेल की बास्केट में फरवरी की तुलना में 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञ
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
अमेरिकी ऊर्जा विशेषज्ञ और नीति सलाहकार बॉब मैकनैली ने रॉयटर्स को बताया कि गंभीर तनाव की स्थिति में कीमतें नाटकीय रूप से बढ़ सकती हैं और आपूर्ति मार्गों के अवरुद्ध होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना असंभव नहीं है। मैकनैली ने चेतावनी दी कि किसी भी बड़े व्यवधान से कीमतों में अचानक और तेज वृद्धि हो सकती है, क्योंकि बाजार के पास इसकी भरपाई के लिए सीमित क्षमता है।
अन्य विशेषज्ञ
विशेषज्ञ बोले- आपूर्ति में व्यवधान केवल जोखिम नहीं, बल्कि सच्चाई
अमेरिकी अर्थशास्त्री और भू-राजनीतिक रणनीतिकार हेलिमा क्रॉफ्ट ने रॉयटर्स को बताया कि क्षेत्र में भू-राजनीतिक जोखिम अब उस स्तर पर हैं, जहां कई आपूर्ति अवरोध एक साथ हो सकते हैं, जिससे कीमतों पर असर और भी बढ़ जाएगा। ब्रिटिश ऊर्जा अर्थशास्त्री और एनर्जी एस्पेक्ट्स की सह-संस्थापक अमृता सेन ने रॉयटर्स को बताया कि यह अब सिर्फ जोखिम नहीं है। हम वास्तव में आपूर्ति में व्यवधान को देख रहे हैं।"
भारत
आप पर क्या होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। इसका एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। अगर आपूर्ति में रुकावट जारी रही, तो आयात बिल बढ़ेगा, चालू खाता घाटा बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर कच्चा तेल 10 से 20 डॉलर प्रति बैरल बढ़ता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।