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अक्षय तृतीया पर खरीद रहें सोना? जानिए फिजिकल और डिजिटल गोल्ड पर टैक्स नियम
अक्षय तृतीया को सोने में निवेश करने के लिए शुभ दिन माना जाता है

अक्षय तृतीया पर खरीद रहें सोना? जानिए फिजिकल और डिजिटल गोल्ड पर टैक्स नियम

Apr 19, 2026
01:03 pm

क्या है खबर?

अक्षय तृतीया को सोने में निवेश करने के लिए शुभ दिन माना जाता है और लोग इस दिन सोना खरीदना पसंद करते हैं। अब समय के साथ सोना खरीदने का तरीका भी बदल गया है। पहले लोग सिर्फ गहने या सिक्के लेते थे, लेकिन अब डिजिटल गोल्ड, ETF और बॉन्ड जैसे विकल्प भी बढ़ गए हैं। हालांकि, निवेश करते समय टैक्स के नियम समझना जरूरी है, क्योंकि यही आपके असली मुनाफे को तय करता है।

फिजिकल

फिजिकल और डिजिटल गोल्ड पर टैक्स नियम

फिजिकल गोल्ड जैसे गहने, सिक्के और बार पर अलग तरह से टैक्स लगता है। अगर इसे 24 महीने से ज्यादा रखा जाए तो 12.5 प्रतिशत लॉन्ग टर्म टैक्स लगता है, जबकि कम समय रखने पर स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। खरीदते समय 3 प्रतिशत GST और मेकिंग चार्ज पर 5 प्रतिशत GST भी लगता है। डिजिटल गोल्ड पर भी लगभग यही नियम लागू होते हैं, लेकिन इसमें मेकिंग चार्ज वाला अतिरिक्त GST नहीं लगता।

ETF

ETF और म्यूचुअल फंड पर टैक्स कैसे लगता है?

गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना भी आसान विकल्प माना जाता है। ETF को अगर 12 महीने से ज्यादा रखा जाए तो 12.5 प्रतिशत लॉन्ग टर्म टैक्स लगता है, जबकि कम समय में बेचने पर स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड पर भी लगभग यही नियम लागू होते हैं। इन विकल्पों में स्टोरेज की परेशानी नहीं होती, लेकिन टैक्स नियमों को समझना जरूरी है ताकि सही रिटर्न मिल सके।

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सावधानियां

SGB और जरूरी सावधानियां

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर हर साल मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होता है। अगर बॉन्ड को समय से पहले बेचा जाए तो 12.5 प्रतिशत टैक्स लग सकता है, जबकि पूरे आठ साल रखने पर कुछ मामलों में टैक्स छूट मिलती है। निवेश करते समय सही बिल रखना और नियम समझना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग विकल्पों में टैक्स का फर्क आपके फायदे को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सोच-समझकर निवेश करना बेहतर होता है।

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