बजट 2026 में वरिष्ठ नागरिकों को क्या मिला और क्या नहीं?
क्या है खबर?
केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्ठ नागरिकों को लेकर संतुलित लेकिन सतर्क रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने बुजुर्गों के लिए टैक्स सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया और मौजूदा व्यवस्था को जारी रखा। बजट में न तो कोई बड़ा फायदा दिया गया और न ही कोई नुकसान पहुंचाने वाला कदम उठाया गया है। वरिष्ठ नागरिकों सिटीजन को इस बार बजट से स्थिरता तो मिली, लेकिन अतिरिक्त राहत की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी है।
घोषणा
सीनियर सिटीजन को बजट 2026 में क्या मिला?
बजट 2026 में सीनियर सिटीजन के लिए इनकम टैक्स की मौजूदा छूट सीमा को बरकरार रखा गया है। 60 से 79 साल की उम्र वालों के लिए टैक्स छूट 3 लाख रुपये और 80 साल से अधिक उम्र वालों के लिए 5 लाख रुपये ही रहेगी। इसके अलावा, हेल्थ सेक्टर में NIMHANS 2.0 और क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के अपग्रेड की घोषणा की गई, जिससे लंबे समय में बुज़ुर्गों को इलाज और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का फायदा मिल सकता है।
प्रक्रिया
टैक्स प्रक्रिया में सरलता
बजट में एक अहम फैसला यह लिया गया है कि 1 अप्रैल, 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा। इसका मकसद टैक्स फाइल करना आसान बनाना, रिफंड जल्दी देना और विवाद कम करना है। यह कदम उन सीनियर सिटीजन के लिए मददगार माना जा रहा है, जिन्हें डिजिटल टैक्स प्रक्रिया समझने में परेशानी होती है। हालांकि, यह सुविधा प्रक्रिया से जुड़ी है, टैक्स में सीधी बचत या अतिरिक्त छूट के रूप में इसे नहीं देखा जा सकता।
नहीं मिला
सीनियर सिटीजन को बजट 2026 में क्या नहीं मिला?
बजट 2026 में सीनियर सिटीजन को कोई नई टैक्स छूट, अतिरिक्त हेल्थ डिडक्शन या महंगाई से जुड़ी राहत नहीं दी गई। मेडिकल खर्च के लिए सेक्शन 80DDB में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई और न ही पेंशन या फिक्स्ड इनकम वालों के लिए कोई नया लाभ आया। ब्याज और किराये की आय पर TDS नियम भी पहले जैसे ही रहे। बढ़ती महंगाई और इलाज के खर्च को देखते हुए बुज़ुर्गों की कई उम्मीदें इस बजट में अधूरी रह गईं।