बजट 2026: UPI और रुपे के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऐलान
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में UPI और रुपे डेबिट कार्ड के लिए 2,000 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लगातार सपोर्ट मिलता रहेगा। यह राशि FY 2025-26 के लिए तय की गई है, जो पिछले साल के खर्च के आसपास ही है। हालांकि, डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़े हैं, फिर भी सब्सिडी में बड़ा इजाफा नहीं किया गया है।
प्रावधान
इंडस्ट्री की उम्मीदों से कम रहा बजट प्रावधान
डिजिटल पेमेंट कंपनियों को उम्मीद थी कि सरकार UPI और रूपे के लिए करीब 4,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी, लेकिन बजट में इससे काफी कम राशि रखी गई है। कंपनियों का कहना है कि ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में करीब 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, फिर भी सब्सिडी लगभग स्थिर है। FY 2024-25 में भी सरकार ने करीब 1,923 करोड़ रुपये ही खर्च किए थे, जिससे इंडस्ट्री में थोड़ी निराशा दिख रही है।
लेनदेन
UPI लेनदेन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
UPI देश का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है। जनवरी महीने में UPI के जरिए 21 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। सालाना आधार पर UPI की ग्रोथ करीब 30 प्रतिशत बताई जा रही है। पेमेंट कंपनियों का कहना है कि इस बढ़ते सिस्टम को संभालने और नई सुविधाएं जोड़ने के लिए हर साल 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।
मांग
MDR को लेकर कंपनियों की सरकार से मांग
पेमेंट कंपनियों ने सरकार से मांग की है कि बड़े मर्चेंट्स के लिए UPI पर फिर से MDR लागू किया जाए। वर्तमान में UPI ट्रांजैक्शन यूजर्स और मर्चेंट्स के लिए मुफ्त हैं। पहले UPI पर 30 बेसिस पॉइंट MDR लगता था, जिसे 2020 में हटा दिया गया था। कंपनियों का कहना है कि बिना MDR के सिस्टम चलाने का खर्च बढ़ रहा है, जिसकी भरपाई बहुत मुश्किल हो रही है।