बजट 2026 में रेयर अर्थ पर बड़ा ऐलान, 10,000 करोड़ रुपये से बनेंगे नए कॉरिडोर
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी) केद्रीय बजट पेश किया है। इस बजट में महंगाई और विकास के साथ-साथ रेयर अर्थ यानी दुर्लभ खनिजों पर भी खास ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार रेयर अर्थ के खनन और उत्पादन को मजबूत करेगी। इसके लिए देश के कई राज्यों में विशेष कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई है।
बजट
10,000 करोड़ रुपये का बजट और नए कॉरिडोर
बजट में घोषणा की गई है कि रेयर अर्थ कॉरिडोर के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा। यह राशि खनन, परिवहन और प्रोसेसिंग से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में खर्च होगी। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे देश को जरूरी खनिजों में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। ये कॉरिडोर आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और उड़ीसा जैसे राज्यों में बनाए जाएंगे, जहां खनिज के बड़े भंडार हैं।
असर
कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार पर असर
रेयर अर्थ कॉरिडोर के साथ-साथ बजट में कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है। इससे देश में उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से नए निवेश आएंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रेयर अर्थ का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में होता है, इसलिए यह कदम रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
रणनीति
भविष्य की रणनीति और भारत को मिलने वाला फायदा
सरकार का मानना है कि रेयर अर्थ कॉरिडोर बनने से भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका मजबूत होगी। अभी देश कई जरूरी दुर्लभ खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है। इन कॉरिडोर के जरिए खनन से लेकर उत्पादन तक की पूरी व्यवस्था देश में ही विकसित होगी। इससे लागत घटेगी, विदेशी निर्भरता कम होगी और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में लंबी अवधि का फायदा मिलेगा।