बजट 2026 से क्या हैं शेयर बाजार की महत्वपूर्ण उम्मीदें?
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और इस बार शेयर बाजार की उम्मीदें बहुत ज्यादा ऊंची नहीं हैं। निवेशक बड़े और चौंकाने वाले फैसलों की बजाय स्थिर नीतियों की उम्मीद कर रहे हैं। वैश्विक माहौल कमजोर है और अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों ने अनिश्चितता बढ़ाई है, ऐसे में बाजार सरकार से संतुलित और समझदारी भरे कदम चाहता है।
सरकारी खर्च
सरकारी खर्च में संतुलन की उम्मीद
शेयर बाजार चाहता है कि सरकार अपने खर्च और आमदनी में संतुलन बनाए रखे। कोरोना काल के बाद घाटा धीरे-धीरे कम हुआ है और निवेशक इसी राह पर आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। बाजार को उम्मीद है कि सरकार जरूरत से ज्यादा खर्च न करे और उधारी पर नियंत्रण रखे। इसके साथ ही विकास से जुड़े कामों पर खर्च जारी रहे, ताकि देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती रहे और लंबे समय में नुकसान न हो।
कर व्यवस्था
विकास कार्यों और कर व्यवस्था पर नजर
बाजार की एक बड़ी उम्मीद विकास से जुड़े खर्च को लेकर है। सड़क, बिजली, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घर निर्माण और जरूरी खनिज जैसे क्षेत्रों में ज्यादा पैसा लगाए जाने की संभावना है। इसके अलावा, वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लेकर छोटे लेकिन असरदार बदलाव की भी उम्मीद है। शेयर बाजार के निवेशक चाहते हैं कि इस बजट में कर व्यवस्था आसान हो, ताकि व्यापार करना सरल बने और कंपनियों का भरोसा बढ़े।
अन्य
रक्षा, रेलवे और सीमित राहत की उम्मीद
शेयर बाजार को रक्षा क्षेत्र में बजट बढ़ने की उम्मीद है, खासकर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए। रेलवे में भी नई लाइनें, क्षमता बढ़ाने और भीड़ कम करने के लिए खर्च बढ़ सकता है। आम खर्च को बढ़ाने के लिए बहुत बड़े राहत पैकेज की उम्मीद नहीं है, लेकिन कुछ खास क्षेत्रों जैसे घर और रोजमर्रा के सामान को सीमित मदद मिल सकती है, जिससे मांग और भरोसा दोनों मजबूत हों।