LOADING...
बजट 2026: रोजगार पर जोर देगी सरकार, ELI स्कीम के लिए 30,000 करोड़ रुपये संभव
निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करेंगी

बजट 2026: रोजगार पर जोर देगी सरकार, ELI स्कीम के लिए 30,000 करोड़ रुपये संभव

Jan 23, 2026
07:42 pm

क्या है खबर?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करेंगी। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के बजट में रोजगार बढ़ाने पर खास ध्यान रहेगा। सरकार एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (ELIS) के लिए 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर सकती है। इस योजना का मकसद जुलाई 2027 तक बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी दिलाना है, ताकि युवाओं और कामगारों को स्थायी रोजगार मिल सके।

खर्च

ELI स्कीम और इंटर्नशिप पर बढ़ेगा खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट पहले ही ELI स्कीम के लिए कुल 99,446 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे चुकी है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत मिलने वाले एकमुश्त स्टाइपेंड को बढ़ाने की तैयारी है। अभी इंटर्न को 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जिसे बढ़ाकर 7,000 या 8,000 रुपये किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी और स्कीम ज्यादा प्रभावी होगी।

MSME

कैपिटल खर्च और MSME सेक्टर को सहारा

उद्योग संगठनों ने सरकार से पूंजीगत खर्च बढ़ाने की मांग की है। भारतीय उद्योग परिसंघ का कहना है कि 2026-27 में कैपेक्स को 12 प्रतिशत बढ़ाया जाए। इससे निर्माण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां बन सकती हैं। इसके साथ ही, छोटे और मझोले उद्योगों यानी MSME को सस्ते कर्ज और आसान वित्त सुविधा देने पर भी जोर है, ताकि वे ज्यादा लोगों को काम पर रख सकें।

Advertisement

लेबर कोड

लेबर कोड लागू करने के लिए बजटीय मदद जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि नए लेबर कोड लागू करने के लिए सिर्फ नियम नहीं, बल्कि पर्याप्त पैसा भी जरूरी है। गिग वर्कर्स और असंगठित मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन के लिए बजटीय सहायता अहम होगी। इसके अलावा, डिजिटल सिस्टम, रजिस्ट्रेशन और अधिकारियों की ट्रेनिंग पर भी खर्च करना होगा। केंद्र सरकार का मानना है कि सही फंडिंग से नई श्रम व्यवस्था मजबूत होगी और औपचारिक रोजगार तेजी से बढ़ेगा।

Advertisement