बजट 2026 में अंतरिक्ष शोध के लिए नई टेलीस्कोप फैसिलिटी का ऐलान
क्या है खबर?
बजट 2026 में भारत के स्पेस साइंस और खगोल विज्ञान को बड़ी मजबूती दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि देश में चार बड़े टेलीस्कोप और एस्ट्रोनॉमी फैसिलिटी बनाई जाएंगी या उन्हें अपग्रेड किया जाएगा। केंद्र सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक ढांचे को मजबूत करना है, ताकि भारत अंतरिक्ष और ब्रह्मांड से जुड़े रिसर्च में आगे बढ़ सके और युवा वैज्ञानिकों को नई दिशा, बेहतर संसाधन और वैश्विक पहचान मिल सके।
नजर
सूरज और दूर की आकाशगंगाओं पर होगी गहरी नजर
बजट के तहत नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप और नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इंफ्रारेड टेलीस्कोप पर खास ध्यान दिया गया है। सोलर टेलीस्कोप से सूरज की गतिविधियों, चुंबकीय क्षेत्र और स्पेस वेदर का अध्ययन होगा, जिससे सैटेलाइट, संचार व्यवस्था और बिजली नेटवर्क को होने वाले खतरों को समय रहते समझा जा सकेगा। वहीं, दूसरा टेलीस्कोप दूर मौजूद ग्रहों, तारों और आकाशगंगाओं के गहन अध्ययन में वैज्ञानिकों की मदद करेगा, जिससे ब्रह्मांड की संरचना और विकास को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
अपग्रेड
लद्दाख टेलीस्कोप अपग्रेड और बेहतर ऑब्जर्वेशन
सरकार ने लद्दाख में मौजूद हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप को अपग्रेड करने का भी ऐलान किया है। यह दुनिया की सबसे ऊंची वेधशालाओं में से एक है, जहां से अंतरिक्ष का साफ और स्पष्ट अध्ययन संभव होता है। अपग्रेड के बाद इसकी संवेदनशीलता बढ़ेगी और खराब मौसम या कठिन परिस्थितियों में भी सटीक ऑब्जर्वेशन संभव हो सकेगा। इससे भारत की खगोलीय रिसर्च क्षमता मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग, डेटा साझा करने और संयुक्त शोध के नए अवसर भी बनेंगे।
अन्य
COSMOS 2 से छात्रों और आम लोगों को जोड़ा जाएगा
बजट में COSMOS 2 प्लैनेटेरियम को आधुनिक पब्लिक आउटरीच और एजुकेशन सेंटर के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की गई है, जिससे विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाया जा सके। इसका मकसद छात्रों और आम लोगों में खगोल विज्ञान और स्पेस साइंस के प्रति रुचि बढ़ाना है। इन सभी पहलों से साफ है कि सरकार भारत को वर्ल्ड-क्लास रिसर्च हब बनाने और साइंस एजुकेशन को आगे बढ़ाने के लिए लगातार और गंभीर प्रयास कर रही है।