ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था ने G-7 देशों में मारी बाजी, 0.5 फीसदी कर दर से बढ़ी
यूनाइटेड किंगडम (UK) की अप्रैल से जून के बीच अर्थव्यवस्था 0.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। यह बढ़ोतरी पहले के अनुमान से थोड़ी ज़्यादा रही। इस आर्थिक विकास के साथ ब्रिटेन इस साल अब तक G-7 देशों में सबसे आगे निकल गया है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस विकास के पीछे मुख्य वजहें लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे होना और कंपनियों का बढ़ा हुआ निवेश था।
घरेलू आय में 1.0 फीसदी की बढ़ोतरी
दूसरी तिमाही में प्रति व्यक्ति वास्तविक खर्च योग्य घरेलू आय 1.0 प्रतिशत बढ़ी है। 2024 के आखिर के बाद यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। दूसरी तरफ, व्यावसायिक निवेश के संशोधित आंकड़ों में सालाना 5.2 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली।
इसके अलावा, सेवा निर्यात में मजबूती के चलते UK का चालू खाता घाटा घटकर 19.9 अरब पाउंड (करीब 2,500 अरब रुपये) पर आ गया है।
कीमती धातुओं को छोड़कर पिछले 5 सालों में आर्थिक उत्पादन के अनुपात में यह सबसे कम घाटा है। यह सारी तेजी अक्टूबर में होने वाली बजट वार्ताओं से ठीक पहले आई है। ऐसे में 2026 के आखिर तक देश की आर्थिक स्थिति को लेकर काफी उम्मीदें जगी हैं।