होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से कच्चे तेल की कीमत में एक फीसदी से ज्यादा का उछाल
सोमवार (31 अगस्त) को कच्चे तेल के दामों में एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। यह वृद्धि तब हुई, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में एक ईरानी द्वीप पर अमेरिका ने सैन्य हमला किया।
इस अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की थी। इस घटना के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 89.18 डॉलर (करीब 8,475 रुपये) प्रति बैरल हो गया। दूसरी तरफ, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 84.32 डॉलर (करीब 8,000 रुपये) पर पहुंच गया। तेल के दामों में आई इस तेजी से दुनियाभर में तेल की सप्लाई में रुकावट आने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी डॉलर हुआ मजबूत
इस क्षेत्र में जारी जंग (करीब 6 महीने) के चलते तेल की कीमतें और भी ज्यादा अप्रत्याशित हो गई हैं। दूसरी ओर, पिछले सप्ताह सोने के दाम में काफी गिरावट आई थी।
यह गिरावट अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) के महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाने के बाद हुई थी, लेकिन अब सोने के दाम स्थिर हो गए हैं। साथ ही, अमेरिकी डॉलर भी मजबूत बना हुआ है क्योंकि निवेशक संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए तैयार हैं।