होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से कच्चा तेल फिर 100 डॉलर के पार
ब्रेंट क्रूड तेल ने 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर लिया है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं के चलते यह उछाल देखने को मिला है।
ब्रेंट और अमेरिकी तेल (WTI) के दामों में अब लगभग 12 डॉलर (करीब 1,100 रुपये) का अंतर आ गया है। ब्रेंट का दाम अभी करीब 103 डॉलर (करीब 9,800 रुपये) पर बना हुआ है। दामों में इस अचानक उछाल ने दुनियाभर में तेल आपूर्ति से जुड़ी संभावित दिक्कतों को लेकर सबकी चिंता बढ़ा दी है।
तेल बाजार में अस्थिरता
तेल की आवाजाही के लिए एक बेहद अहम रास्ता होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा खतरों और टैंकरों पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं। इन्हीं वजहों से तेल भेजने का खर्च बढ़ गया है और बाजार में घबराहट बनी हुई है।
हालांकि, सऊदी अरब की पाइपलाइन ठीक होने से एक वैकल्पिक रास्ता मिल गया है, जिससे थोड़ी राहत मिली है। फिर भी, हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं।
अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से आयात करने वाले भारत जैसे देश के लिए यह ऊंचा दाम और मजबूत अमेरिकी डॉलर मिलकर ईंधन को और महंगा कर सकते हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।