बोइंग को अमेरिकी नौसेना से मिला नए लड़ाकू विमान बनाने का अनुबंध
बोइंग को अमेरिकी नौसेना के नए F/A-XX छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने के लिए 20 अरब डॉलर (करीब 1,900 अरब रुपये) का एक बड़ा ठेका मिला है।
वायुसेना के जेट विमानों से हटकर इसे खासतौर पर विमानवाहक पोत से उड़ान भरने और उतरने के लिए तैयार किया गया है, जिससे यह समुद्री मिशनों के लिए बहुत काम का बन जाता है।
नौसेना को एक ऐसे बहुपयोगी जेट की तलाश है, जो हमलावर मिशन भी कर सके और जमीन पर बने ठिकानों को भी निशाना बना सके। आसान शब्दों में कहें तो वे एक ऐसा मजबूत जेट चाहते हैं, जो विमानवाहक पोत से ही हर तरह के काम कर पाए।
लड़ाकू विमान की बढ़ेगी स्टील्थ क्षमता
F/A-XX का चौड़ा डिजाइन इसे ज्यादा हथियार और ईंधन ले जाने की सुविधा देगा, जिससे यह 700 नॉटिकल मील (करीब 1,300 किलोमीटर) तक उड़ान भर सकेगा।
इसके डिजाइन में एयरोडायनामिक चाइन का इस्तेमाल किया गया है, जो रडार सिग्नलों को मोड़कर इसकी स्टील्थ क्षमता को बढ़ाती है। यह एक ऐसी सैन्य तकनीक है, जिसके जरिए विमानों, जहाजों और मिसाइलों को दुश्मन के रडार, इंफ्रारेड और सोनार की पकड़ में आने से बचाया जाता है। साथ ही, इसमें पारंपरिक टेल की जगह पंखों पर आधारित कंट्रोल सिस्टम दिया गया है।
इसके अलावा, कम ऊंचाई वाली कैनोपी और एडवांस सेंसर्स की वजह से पायलट्स को अपने आस-पास की बेहतर जानकारी मिलेगी और इससे विमान की स्टील्थ क्षमता पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
अनुबंध को बताया सम्मान की बात
बोइंग रक्षा, अंतरिक्ष और सुरक्षा के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) स्टीव पार्कर ने कहा, "अमेरिकी नौसेना के पहले छठी पीढ़ी के प्लेटफॉर्म को बनाने के लिए चुना जाना हमारे लिए सम्मान की बात है।"