क्रिप्टोकरेंसी ने बदला सोना, तेल और तांबे के व्यापार का तरीका
क्रिप्टोकरेंसी, कमोडिटी यानि कच्चे माल के बाजार में बड़ा बदलाव ला रही है। ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से अब सोने, तेल और तांबे जैसी असली चीजों को डिजिटल टोकन में बदला जा रहा है।
ये टोकन असल भंडार से पूरी तरह जुड़े होते हैं, यानि हर टोकन के पीछे उतनी ही असली चीज होती है और इन्हें किसी भी समय विकेंद्रीकृत एक्सचेंज (DEXs) पर ट्रेड किया जा सकता है।
इस वजह से व्यापार अब ज्यादा आसान और लचीला बन गया है। यहां तक कि बाजार बंद होने के बाद भी कारोबार किया जा सकता है।
टोकनाइज्ड बाजार का मूल्य हुआ करीब 3,100 अरब रुपये
2026 में टोकनाइज्ड एसेट्स का कुल मूल्य 33.5 अरब डॉलर (करीब 3,100 अरब रुपये) तक जा पहुंचा, वहीं केवल 3 महीनों में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का आंकड़ा 524.8 अरब डॉलर (करीब 50,000 अरब रुपये) तक उछल गया।
इस टोकनाइजेशन के क्षेत्र में सोने का दबदबा साफ दिखता है। टोकनाइज्ड कमोडिटी के कुल मूल्य का 95 फीसदी से ज्यादा हिस्सा टेदर गोल्ड (XAUT) और पैक्स गोल्ड (PAXG) जैसे सोने के टोकन से ही आता है।
चांदी भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है, जबकि कच्चा तेल और तांबा भी तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लोग ब्लॉकचेन तकनीक से मिलने वाले सुरक्षित और 24 घंटे चलने वाले व्यापार के फायदों को समझ रहे हैं।