बिटकॉइन 21 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
क्या है खबर?
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार (1 जुलाई) को एशियाई कारोबार के दौरान इसकी कीमत 1.5 प्रतिशत तक गिरकर 57,742 डॉलर (लगभग 55 लाख रुपये) पर पहुंच गई, जो 17 सितंबर, 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लगातार कमजोर माहौल के कारण निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है और बाजार में दबाव बना हुआ है।
वजह
ब्याज दरों की उम्मीद से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना से निवेशकों का रुझान बदल रहा है। ऐसे में बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों, जैसे बिटकॉइन, से पैसा निकल रहा है। जून महीने में अमेरिकी बिटकॉइन ETF से 4 अरब डॉलर (लगभग 380 अरब रुपये) से ज्यादा की निकासी हुई, जो अब तक की सबसे बड़ी निकासी मानी जा रही है। मजबूत अमेरिकी डॉलर ने भी बाजार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाया है।
चिंता
बड़ी कंपनी को लेकर भी बढ़ी चिंता
बाजार में गिरावट की एक वजह बिटकॉइन खरीदने वाली बड़ी कंपनी स्ट्रैटेजी इंक.को लेकर बढ़ी चिंता भी बताई जा रही है। कंपनी की नई वित्तीय योजना के बाद निवेशकों को आशंका है कि अब वह पहले की तरह लगातार बिटकॉइन नहीं खरीदेगी। इससे भविष्य में मांग कमजोर पड़ने का डर बढ़ गया है। इसी कारण निवेशकों का भरोसा भी पहले के मुकाबले कुछ कम होता दिखाई दे रहा है।
अन्य
रिकॉर्ड स्तर से 50 प्रतिशत से ज्यादा नीचे
बिटकॉइन अब अपने पिछले रिकॉर्ड उच्च स्तर 1.26 लाख डॉलर से 50 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुका है। इसके साथ ही, यह अपने 200 सप्ताह के मूविंग एवरेज से भी नीचे पहुंच गया है, जिसे बाजार में कमजोर संकेत माना जाता है। वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने महंगाई पर सख्ती जारी रखने के संकेत दिए हैं, जिससे आगे भी क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।