बिटकॉइन में एक सप्ताह में आई 12 फीसदी की गिरावट
बिटकॉइन एक सप्ताह में करीब 12 फीसदी गिरकर 70,000 डॉलर (करीब 65 लाख रुपये) के निशान से नीचे फिसल गया। पिछले 24 घंटे में 6.27 फीसदी गिरकर 66,466 डॉलर (करीब 62 लाख रुपये) पर आ गया।
इसकी मुख्य वजह बड़े निवेशकों का एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) से पैसा निकालना और अपनी होल्डिंग बेचना है, जिससे बिटकॉइन की कीमत पर काफी दबाव बना हुआ है।
एक्सचेंज पर मौजूदगी से मिले बिकवाली के संकेत
डेल्टा एक्सचेंज में अनुसंधान विश्लेषक रिया सहगल का कहना है कि छोटे और मध्यम निवेशक अपने बिटकॉइन को एक्सचेंज पर ला रहे हैं। यह अक्सर इस बात का संकेत होता है कि वे जल्द ही इसे बेच सकते हैं।
इसके साथ ही, हाल ही में बिटकॉइन खरीदने वाले कई लोग अभी घाटे में हैं, जिससे और भी ज्यादा बिकवाली देखने को मिल सकती है। सहगल ने बताया कि पैसा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एनर्जी जैसे अमेरिकी शेयरों में जा रहा है, जिसकी वजह से फिलहाल क्रिप्टो के लिए हालात मुश्किल हो गए हैं।
दूसरी क्रिप्टोकरेंसी पर भी पड़ा असर
गिरावट के चलते इस सप्ताह करीब 1.5 अरब डॉलर (करीब 140 अरब रुपये) के लिक्विडेशन हुए हैं। इसका असर दूसरे बड़े क्रिप्टोकाॅइंस पर भी पड़ा है। इथेरियम 7.4 फीसदी गिर गया और सोलाना 7.91 फीसदी फिसल गया।
क्रिप्टो में संस्थागत निवेश भी अक्टूबर, 2024 के बाद से सबसे निचले स्तर पर आ गया है क्योंकि पिछले महीने इसमें सिर्फ 18 करोड़ डॉलर (करीब 1,650 करोड़ रुपये) का ही निवेश आया।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर, बिटकॉइन लंबे समय तक 66,000 डॉलर (करीब 61 लाख रुपये) के नीचे बना रहता है तो यह 64,000 डॉलर (करीब 59.5 लाख रुपये) तक और नीचे जा सकता है।