भू-राजनीतिक उठा-पटक से बिटकॉइन में 2.4 फीसदी की गिरावट
बिटकॉइन सोमवार (13 जुलाई) को 2.4 फीसदी गिरकर 62,600 डॉलर (करीब 59 लाख रुपये) पर आ गया। यह एक अहम ट्रेंड लाइन से भी नीचे चला गया।
इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताएं रहीं। एथेरियम पर भी इसका सीधा असर दिखा।
अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में उतार-चढ़ाव के साथ ही ईरान पर अमेरिका के मिसाइल हमलों के बाद पैदा हुए नए तनाव ने भी इस गिरावट को बढ़ावा दिया।
इन सब घटनाओं ने एक बार फिर दिखाया कि वैश्विक उथल-पुथल क्रिप्टो बाजार पर कितना गहरा असर डाल सकती है।
अमेरिकी बिटकॉइन ETFs में निवेश बढ़ा
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और आपूर्ति मार्गों को लेकर चिंताओं के चलते तेल की कीमतें 4 फीसदी से ज्यादा उछल गईं।
ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर (करीब 7,400 रुपये) प्रति बैरल के पार चला गया। अब सभी की निगाहें इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के बयानों पर टिकी हैं। महंगाई बढ़ने से क्रिप्टो बाजार के लिए चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
हालांकि, इस उठा-पटक के बीच एक अच्छी खबर भी है। अमेरिका में बिटकॉइन ETFs को लगातार 9 सप्ताह के बाद पहली बार निवेश मिला है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है।