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BIS ने QR कोड भुगतान सुरक्षा के लिए जारी किए नए नियम, धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
BIS ने QR कोड भुगतान सुरक्षा के लिए नए मापदंड़ तय किए हैं

BIS ने QR कोड भुगतान सुरक्षा के लिए जारी किए नए नियम, धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम

Apr 13, 2026
03:21 pm

क्या है खबर?

भारत अपने क्विक रिस्पांस (QR) कोड आधारित भुगतान सिस्टम को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। इसके तहत QR कोड भुगतान के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य आपके डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, QR कोड आधारित भुगतान और डिजिटल करेंसी सुरक्षा से संबंधित नए मानदंड पेश किए हैं।

डाटा सुरक्षा 

यूजर्स का डाटा रहेगा सुरक्षित 

BIS की ओर से लागू किए गए नियमों में बायोमेट्रिक जांच और बेहतर डाटा सुरक्षा जैसी बातों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि धोखाधड़ी से निपटा जा सके और आपकी जानकारी सुरक्षित रखी जा सके। सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य भारत के तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में विश्वास पैदा करना है, जहां QR कोड भुगतान अभी भी एक नई बात है।

बढ़ावा 

वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी लोकप्रियता

भारत में डिजिटल भुगतान एक साल से भी कम समय में 2.84 लाख अरब रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे में घोटालों पर लगाम लगाना बेहद जरूरी हो गया है। नए मानक फर्जी कोड को रोकने के लिए QR कोड एन्क्रिप्शन को और मजबूत बनाने और सुरक्षित सत्यापन पर जोर देते हैं। BIS ने UPI जैसे प्लेटफॉर्म पर भरोसा बढ़ाने और उन्हें वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए डिजिटल करेंसी के लिए सख्त प्रोटोकॉल भी निर्धारित किए हैं।

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