क्रेडिट कार्ड के इन छिपे चार्ज से रहें सावधान, वरना बढ़ सकता है खर्च
क्या है खबर?
क्रेडिट कार्ड आज के समय में खरीदारी, भुगतान और कई वित्तीय जरूरतों के लिए बेहद उपयोगी साधन बन चुका है। इससे कैशबैक, रिवॉर्ड प्वाइंट, बिना ब्याज की अवधि और कई अन्य सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन कई लोग केवल इन फायदों पर ध्यान देते हैं और कार्ड से जुड़े अतिरिक्त शुल्कों को नजरअंदाज कर देते हैं। यही छिपे हुए चार्ज बाद में बिल बढ़ाकर जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं और वित्तीय योजना को प्रभावित कर सकते हैं।
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ये छिपे चार्ज बढ़ा सकते हैं आपका खर्च
क्रेडिट कार्ड से नकद निकालने पर कैश एडवांस शुल्क और उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है। वहीं, समय पर न्यूनतम भुगतान नहीं करने पर लेट पेमेंट शुल्क और अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। कई कार्डों पर सालाना या मेंटेनेंस शुल्क भी लिया जाता है। अगर कार्ड की सुविधाओं का पूरा उपयोग नहीं किया जाए, तो यह शुल्क मिलने वाले फायदों से कहीं ज्यादा भारी पड़ सकता है।
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इन शुल्कों पर भी रखें खास नजर
कुछ बैंक क्रेडिट कार्ड में नकद जमा करने, रिवॉर्ड प्वाइंट भुनाने, विदेशी मुद्रा में भुगतान करने, तय सीमा से ज्यादा खर्च करने या नया कार्ड जारी कराने पर भी अलग-अलग शुल्क लेते हैं। इसके अलावा, EMI में बदलने, डुप्लीकेट स्टेटमेंट मंगाने और कुछ विशेष सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त रकम देनी पड़ सकती है। इसलिए कार्ड लेने से पहले उसकी सभी शर्तें और शुल्क ध्यान से पढ़ना जरूरी माना जाता है।
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ऐसे करें समझदारी से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
विशेषज्ञों का कहना है कि हमेशा क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाएं और जरूरत न होने पर कार्ड से नकद निकालने से बचें। हमेशा कार्ड की शर्तों, शुल्क और रिवॉर्ड नीति को अच्छी तरह से समझकर ही उसका उपयोग करना चाहिए। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड फायदेमंद साबित हो सकता है, जबकि लापरवाही करने पर छोटे-छोटे शुल्क समय के साथ बड़ा वित्तीय बोझ बन सकते हैं।