RBI के नीतिगत फैसले से पहले डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट
बुधवार (7 अक्टूबर) को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली कमजोरी के साथ 96.45 पर खुला, जबकि मंगलवार (6 अक्टूबर) को यह 96.42 पर बंद हुआ था।
निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौद्रिक नीति फैसले और बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त लिक्विडिटी को मैनेज करने के उसके तरीके पर बनी हुई थी।
कच्चे तेल में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव
वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। इस बीच, अक्टूबर में अमेरिका की ब्याज दरें बढ़ने की बात थोड़ी शांत पड़ गई है, लेकिन हर कोई फेडरल रिजर्व की सितंबर की बैठक के मिनट्स से संकेत मिलने का इंतजार कर रहा है।
मनीकंट्रोल के एक सर्वे में 19 बाजार विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि RBI अपनी प्रमुख दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। यह 2023 की शुरुआत के बाद पहली बढ़ोतरी होगी। इस कदम से रुपये को वैश्विक उतार-चढ़ाव से स्थिर रखने में मदद मिलेगी।