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बिना इन बातों को देखे पर्सनल लोन की किस्त चुकाना पड़ सकता है भारी
पर्सनल लोन स्टेटमेंट में कई जानकारी दी जाती है

बिना इन बातों को देखे पर्सनल लोन की किस्त चुकाना पड़ सकता है भारी

May 07, 2026
08:02 am

क्या है खबर?

पर्सनल लोन मिलना जितना आसान है, उसे सही तरीके से चुकाना और रीपेमेंट प्रक्रिया को अच्छे से समझना भी जरूरी है। इसके लिए सबसे अहम दस्तावेज पर्सनल लोन स्टेटमेंट होता है। इसमें पूरा लोन रिकॉर्ड होता है, जिसमें कितना लोन चुका दिया, कितना बाकी है, महीने कितनी EMI कटी, ब्याज दर में क्या बदलाव हुआ आदि जानकारी शामिल होती हैं। ऐसे में इसकी अनदेखी करना सही नहीं होगा। आइये जानते हैं स्टेटमेंट में किन चीजों को चेक करना जरूरी है।

#1

बकाया कर्जा देखना जरूरी 

स्टेटमेंट का सबसे अहम हिस्सा आपका बचा हुआ लोन होता है, जिसे आउटस्टैंडिंग प्रिंसिपल बैलैंस कहा जाता है। इसमें बताया जाता है कि आपने अब तक कितनी रकम चुका दी है और कितनी बाकी है। हर महीने ओपनिंग और क्लोजिंग बैलेंस आपके EMI शेड्यूल से मैच होना चाहिए। मिसमैच दिखते ही तुरंत बैंक से बात करें। इसे टालना आगे चलकर बड़ा नुकसान करा सकता है। गलत बैलेंस दर्ज होने से लोन की अवधि बढ़ सकती है।

#2

EMI ब्रेकडाउन से मिलेंगी ये जानकारियां 

मासिक किस्त (EMI) 2 हिस्सों- मूलधन और ब्याज में बंटी होती है। शुरुआती महीनों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है और बाद में मूलधन बढ़ता है। आपका EMI ब्रेकअप उसी पैटर्न से मैच करना चाहिए, जो लोन एग्रीमेंट में बताया गया था। EMI में अंतर दिखे तो बैंक से पूछना जरूरी है। कई बार ब्याज दर बदल जाती है, लेकिन बैंक से सूचना नहीं मिल पाती। इसका पता भी आपको EMI ब्रेकअप से ही मिलेगा।

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#3

ब्याज दर में उतार-चढ़ाव का लगाएं पता 

पर्सनल लोन की ब्याज दरें कई बार बदल जाती है, खासकर जब आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने स्टेटमेंट में दिखाई गई ब्याज दर पर नजर रखें। बैंक की तरफ से ब्याज में बदलाव का ईमेल, SMS या नोटिफिकेशन आया हो तो उससे तुलना करें। कभी-कभी सिस्टम में गलत ब्याज दर लग जाने से EMI बढ़ सकती है या कुल भुगतान राशि ज्यादा हो सकती है।

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#4

बैंक वसूल तो नहीं कर रहा कोई अतिरिक्त चार्ज

स्टेटमेंट में दिखने वाले चार्ज को अच्छे से पढ़ना बेहद जरूरी है। इसमें लेट पेमेंट फीस शामिल होती है, जो किस्त देरी से जमा होने पर लगता है। किस्त चूकने परे अतिरिक्त ब्याज के तौर पर पेनल इंटरेस्ट वसूला जाता है। इसके अलावा बैंक GST, प्रोसेसिंग चार्ज, डॉक्यूमेंटेशन फीस भी लेती हैं। कई बार बिना स्पष्ट जानकारी दिए और भी छोटे-छोटे चार्ज लगा दिए जाते हैं। इसकी जानकारी आपको स्टेटमेंट में मिलेगी।

#5

नुकसान से बचने के लिए चेक करें रीपेमेंट हिस्ट्री

रीपेमेंट हिस्ट्री और ओवरड्यू स्टेटस आपके क्रेडिट स्कोर को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। इसमें बताया जाता है कि आपकी EMI समय पर कटी, लंबित है या ओवरड्यू हो गई। अगर, आपने ऑटो-डेबिट लगवा रखा है तो यह देखना जरूरी है कि वह सही काम कर रहा है या नहीं। कई बार बैंक की तरफ से सिस्टम एरर के कारण EMI पेंडिंग दिख जाती है, जबकि भुगतान हो चुका होता है। ऐसी गलती आपका सिविल स्कोर खराब कर सकती है।

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