बार्कलेज की भारतीय IPO बाजार में 10 साल बाद वापसी
बार्कलेज करीब एक दशक बाद भारत के तेजी से बढ़ते आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) बाजार में वापसी कर रही है। कंपनी की भारतीय यूनिट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रमोद कुमार ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बताया कि बाजार में कुछ चुनौतियां भले ही हों, लेकिन भारत में फंडिंग का माहौल अभी भी काफी मजबूत है। इसमें आम निवेशक और बड़ी संस्थाएं दोनों का बड़ा योगदान है।
50 करोड़ पाउंड से ज्यादा का निवेश किया
पिछले 5 सालों में बार्कलेज ने भारत में अपनी बैंकिंग और टेक उपस्थिति बढ़ाने के लिए 50 करोड़ पाउंड (करीब 6,250 करोड़ रुपये) से ज्यादा का निवेश किया है।
यह बैंक रुपया बॉन्ड में भी सक्रिय है और टैक्स से जुड़े फायदों के लिए गिफ्ट सिटी में अपना विस्तार करना चाहता है। एमिरेट्स NBD और DBS जैसे प्रतिद्वंद्वी भी इस क्षेत्र में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बार्कलेज अपने इंवेस्टमेंट बैंक, कॉर्पोरेट और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी में भी लगातार निवेश कर रहा है।