जी समूह के सुभाष चंद्रा मामले पर कल होगी NCLAT में सुनवाई
जी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा की कर्ज चुकाने की योजना में मिलने वाली रकम से बड़े बैंक खुश नहीं हैं। इसी वजह से वे इस मामले को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) तक ले गए हैं। इस मामले की सुनवाई मंगलवार सुबह 10:30 बजे होनी है।
लेनदारों की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह योजना इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के असल मकसद को ही खत्म कर सकती है।
उनका यह भी कहना है कि इससे बैंकों को अपनी बकाया रकम का पूरा हिस्सा वापस मिल पाना मुश्किल है।
बैंकों को मिलेगा 6.25 करोड़ रुपये
चंद्रा की NCLAT से मंजूर हुई योजना में कुल 6.5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। इसमें से 6.25 करोड़ रुपये लेनदारों को मिलेंगे और 25 लाख रुपये दिवालियापन से जुड़े खर्चों के लिए रखे गए हैं।
असल में चंद्रा ने लगभग 2,574 करोड़ रुपये के उन कर्जों के लिए निजी गारंटी दी थी, जब ये लोन लिए गए थे। HDFC बैंक को इस योजना के तहत अपने कुल दावे का केवल 3.2 फीसदी हिस्सा ही मिल पाएगा। बैंक इस योजना की शर्तों में बदलाव चाहते हैं और अदालत के अंतिम निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।