औमोवियो ने की 4,000 कर्मचारियों की छंटनी, भारत में इतने लोगों की जाएगी नौकरी
क्या है खबर?
भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी GCC सेक्टर में छंटनी की खबर सामने आई है। जर्मनी की ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी औमोवियो ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) ऑपरेशन्स में बड़े स्तर पर बदलाव का ऐलान किया है। इस ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग के तहत भारत में भी कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि यह फैसला बदलते बाजार हालात और टेक्नोलॉजी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
संख्या
भारत में कितने कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी?
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, औमोवियो ने पुष्टि की है कि भारत में करीब 1,000 पदों पर छंटनी की योजना है। कंपनी में भारत में लगभग 6,000 कर्मचारी काम करते हैं, ऐसे में यह कटौती कुल वर्कफोर्स के करीब 16 से 17 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करेगी। इससे भारत कंपनी के उन देशों में शामिल हो गया है, जहां इस ग्लोबल छंटनी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यह प्रक्रिया 2026 के अंत तक पूरी होने की संभावना है।
वजह
कंपनी ने छंटनी का फैसला क्यों लिया?
कंपनी के मुताबिक, वह अपनी R&D रणनीति को नया रूप दे रही है और खर्च पर सख्त नियंत्रण चाहती है। औमोवियो अब सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल, AI आधारित ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम और नई टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर ज्यादा फोकस करना चाहती है। इसके लिए खर्च और संसाधनों को सीमित लेकिन ज्यादा असरदार, भविष्य-केंद्रित और बाजार की जरूरतों वाले क्षेत्रों में लगाया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक R&D खर्च को बिक्री के 10 प्रतिशत से नीचे लाना है, ताकि मुनाफा सुधर सके।
असर
ग्लोबल असर और आगे की स्थिति
औमोवियो ने बताया कि यह छंटनी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा कई देशों तक फैला है। कंपनी के अनुसार, भारत के अलावा जर्मनी, सिंगापुर, रोमानिया, सर्बिया और मैक्सिको में भी इसका असर पड़ेगा और कुल मिलाकर करीब 4,000 नौकरियां जा सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल ऑटो सेक्टर दबाव में है और बढ़ती लागत के चलते बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब GCC ऑपरेशन्स की गहराई से दोबारा समीक्षा कर रही हैं।