वित्त मंत्री सीतारमण ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भरोसेमंद आर्थिक रिश्तों पर दिया जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि दुनिया को ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक रिश्तों की जरूरत है और वैश्विक तनावों को देखते हुए यह और भी जरूरी हो जाता है। कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में वित्त मंत्री ने सभी देशों से बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाने और व्यापार में आ रही अड़चनों को दूर करने की अपील की।
उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि मौजूदा दौर में अनिश्चितता वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक स्थायी स्थिति बन गई है।
मुश्किलों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत
सीतारमण ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण खनिज और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे प्रोजेक्ट इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने निजी कंपनियों से शोध और नवाचार के क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय होने का आग्रह किया। इसके लिए 1,000 अरब रुपये की रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) स्कीम का समर्थन भी मिलेगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों जैसे मुश्किल हालात के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। जून तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था ने 7.8 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है और विदेशी मुद्रा भंडार भी बेहतर स्थिति में है।