AI चिप्स की बढ़ती मांग के कारण ASML का मूलयांकन 66,000 अरब रुपये के करीब पहुंचा
एडवांस चिप बनाने वाली मशीनों की निर्माता डच तकनीकी कंपनी ASML आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण इन दिनों तेजी से आगे बढ़ रही है। इस साल कंपनी के शेयर 60 फीसदी उछले हैं और दमदार कमाई भी हुई है, जिससे इसका बाजार मूल्य बढ़कर लगभग 700 अरब डॉलर (करीब 66,000 अरब रुपये) के करीब पहुंच गया है।
ASML ही दुनिया की एकमात्र कंपनी, जो एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट (EUV) लिथोग्राफी मशीनें बनाती है। ये मशीनें आधुनिक चिप्स बनाती हैं। यही वजह है कि स्मार्टफोन से लेकर AI सर्वर तक हर चीज को शक्ति देने में कंपनी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गई है।
टेराफैब जैसे प्रोजेक्ट बढ़ा सकते हैं कंपनी की मांग
बार्कलेज और बर्नस्टीन जैसे बड़े बैंकों को ASML पर इतना भरोसा है कि उन्होंने इसके शेयर का लक्ष्य 2,600 डॉलर (करीब 2.5 लाख रुपये) से ऊपर कर दिया है।
एलन मस्क की टेराफैब जैसी बड़ी परियोजनाएं कंपनी के लिए मांग को और बढ़ा सकती हैं, लेकिन इसके रास्ते में कुछ चुनौतियां भी हैं।
अगर, क्लाउड कंपनियां AI पर अपना खर्च कम कर देती हैं या अमेरिका के कानून चीन को बिक्री के नियमों को और सख्त कर देते हैं तो कंपनी की तरक्की धीमी पड़ सकती है।
1,000 अरब डॉलर (करीब 90,000 अरब रुपये) के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए ASML को ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) और सैमसंग जैसे अपने साथियों के साथ अच्छा तालमेल बनाए रखना होगा और साथ ही उद्योग की बदलती चुनौतियों से आगे रहना होगा।