अमेरिकी-ईरान तनाव बढ़ने से एशियाई बाजारों में आई गिरावट
ईरान में हुए अमेरिकी सैन्य हमले के बाद गुरुवार (28 मई) को एशियन बाजारों में खासी गिरावट देखने को मिली। इस हमले ने युद्धविराम की बातचीत को अनिश्चितता के घेरे में ला दिया है।
बाजार में छाई इसी अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड 96.50 डॉलर (करीब 8,900 रुपये) प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, वहीं अमेरिकी क्रूड 90.59 डॉलर (करीब 8,400 रुपये) तक चढ़ गया। साफ है कि वैश्विक घटनाओं का असर अब बाजारों पर सीधा दिख रहा है।
कहां कितनी आई गिरावट?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में कमी आने के बाद निवेशकों को बढ़ती लागत और नए शुल्कों को लेकर चिंता सता रही है।
एशिया के मुख्य बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई 0.2 फीसदी नीचे आया, दक्षिण कोरिया का बाजार लगभग स्थिर रहा, वहीं MSCI का एशिया-पैसिफिक इंडेक्स भी 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इन सबके बीच, डॉलर ने येन के मुकाबले 4 हफ्तों का अपना उच्चतम स्तर छू लिया है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि इस समय पूरी दुनिया में तनाव का माहौल बना हुआ है।