ऐपल अमेरिका में बढ़ाएगी मैन्युफैक्चरिंग, मैक मिनी उत्पादन एशिया से करेगी शिफ्ट
क्या है खबर?
टेक दिग्गज कंपनी ऐपल अपने मैक मिनी डेस्कटॉप कंप्यूटर के कुछ उत्पादन को एशिया से अमेरिका शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल के अंत तक नॉर्थ ह्यूस्टन में फॉक्सकॉन की एक फैक्ट्री में नई असेंबली लाइन शुरू हो सकती है। यह कदम कंपनी के अमेरिका में बड़े निवेश योजना का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत अगले चार वर्षों में भारी निवेश का वादा किया गया है।
निवेश
600 अरब डॉलर निवेश का हिस्सा
ऐपल ने पिछले साल अमेरिका में चार वर्षों के भीतर 600 अरब डॉलर (लगभग 54,000 अरब रुपये) निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी। मैक मिनी का आंशिक प्रोडक्शन अमेरिका लाना उसी योजना का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, कंपनी एशिया में भी उत्पादन जारी रखेगी। मुख्य परिचालन अधिकारी सबीह खान ने कहा कि ह्यूस्टन की यूनिट धीरे-धीरे स्थानीय मांग को पूरा करेगी, लेकिन एशिया में उत्पादन पूरी तरह बंद करने की कोई घोषणा नहीं की गई है।
माहौल
टैरिफ दबाव और राजनीतिक माहौल
इस फैसले को अमेरिका की व्यापार नीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश में बने ऐपल प्रोडक्ट्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। इससे पहले कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को टैरिफ से छूट मिली थी। ऐसे माहौल में अमेरिका में उत्पादन बढ़ाना कंपनी के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है, ताकि संभावित टैरिफ जोखिम कम किया जा सके।
उत्पादन
एशिया में जारी रहेगा मुख्य उत्पादन
फिलहाल ऐपल के ज्यादातर प्रोडक्ट जैसे आईफोन और आईपैड एशिया, खासकर चीन में बनते हैं। असेंबलिंग में भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी ने हाल के वर्षों में कुछ उत्पादन वियतनाम, थाईलैंड और भारत में भी शिफ्ट किया है। ह्यूस्टन फैक्ट्री का विस्तार किया जा रहा है और वहां एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित होगा। हालांकि, निवेश वादों को पूरा करने को लेकर कंपनी का पिछला रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है।