इंसानों से 6 गुना काम कर रहा AI तो एंथ्रोपिक ने बदला भर्ती का तरीका
एंथ्रोपिक का कहना है कि अब उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट इंसानों के मुकाबले 6 गुना ज्यादा घंटे काम कर रहे हैं। इसकी वजह से कंपनी में जूनियर पदों पर नई भर्तियां काफी कम हो गई हैं।
मई, 2025 से मई, 2026 के बीच जूनियर टेक पदों पर होने वाली भर्तियां 27 से घटकर केवल 9 फीसदी रह गईं। कंपनी ने अब अपनी रणनीति बदल दी है। वह कर्मचारियों से कह रही है कि वे खुद रूटीन काम करने के बजाय कई AI टूल्स को संभालें और उनके साथ मिलकर काम करें।
दूसरी कंपनियों में भी दिख रहा असर
AI का असर केवल एंथ्रोपिक तक ही सीमित नहीं है। ओरेकल और अमेजन जैसी दूसरी बड़ी टेक कंपनियां भी इसमें जमकर निवेश कर रही हैं।
इसमें ज्यादा पैसा लगाने की वजह से उन्होंने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से भी निकाला है। जब यह रोजमर्रा के ज्यादातर काम, यहां तक कि शुभकामनाएं (ग्रीटिंग्स) लिखने जैसे छोटे-मोटे काम भी खुद ही कर रहा है तो ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि भविष्य में इंसानों के लिए कौनसी नौकरियां बची रहेंगी।