AI की लहर से भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में आ रही तेजी
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) के प्रबंध निदेशक और साझेदार अंकुश वाढेरा का कहना है कि भारत का चिप उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग और सरकार के मजबूत समर्थन से देश विश्व स्तर पर एक मजबूत स्थिति में आ गया है।
वाढेरा का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सुरक्षा को लेकर भले ही बहस जारी हो, लेकिन चिप्स की जरूरत कम नहीं हुई है, बल्कि AI के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से इसकी मांग लगातार और बढ़ रही है।
सेमीकंडक्टर स्कीम ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये जुटाए
AI के बढ़ते इस्तेमाल से GPUs और मेमोरी चिप्स की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी को देखते हुए भारत की सेमीकंडक्टर स्कीम के दूसरे चरण में अब तक करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है।
सरकार ने इस विकास को बढ़ावा देने के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये की मदद का वादा किया है। इस बीच, एप्लाइड मटेरियल्स और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी बड़ी कंपनियां इस सेक्टर में महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा जताया है कि भारत जल्द ही अपने खुद के चिपमेकर्स तैयार करेगा। ये कंपनियां केवल चिप्स असेंबल ही नहीं करेंगी, बल्कि उन्हें डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग भी यहीं करेंगी।