AI की बढ़ती लागत के बीच भारतीय IT कंपनियां तलाश रहीं अवसर
आनंद राठी की एक नई रिपोर्ट बताती है कि भारतीय IT कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दौर का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।
जैसे-जैसे बड़ा AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना महंगा होता जा रहा है, ये कंपनियां 'एसेट-लाइट' तरीका अपना सकती हैं। इसके तहत वे कारोबारों को बड़े निवेश के बिना ही AI अपनाने में सहायता कर सकती हैं।
उनकी मजबूत नकदी स्थिति और पैसे का बेहतर प्रबंधन उन्हें इस नए ट्रेंड में शामिल होने में और भी आसानी देते हैं।
समझदार मार्गदर्शक बनने का मौका
एंथ्रोपिक कंपनी को राजस्व में भारी उछाल दिख रहा है। यह 14 गुना बढ़कर 16.3 अरब डॉलर (करीब 1,500 अरब रुपये) तक पहुंच गया, लेकिन उसे भविष्य में बहुत बड़े खर्चों का सामना भी करना पड़ रहा है। अभी शुरू न हुए लीज के लिए 321 अरब डॉलर (करीब 30,000 अरब रुपये) का अनुमान है।
ऐसे में भारतीय IT सर्विस देने वाली कंपनियां यहां समझदार मार्गदर्शक बन सकती हैं। इससे वे कंपनियों को हार्डवेयर पर भारी भरकम खर्च किए बिना AI को लागू करने में सहयोग दे सकती हैं।
यह बदलाव भारतीय कंपनियों को ऐसे कारोबारों के लिए अहम खिलाड़ी बना सकता है, जो व्यावहारिक और किफायती AI समाधान चाहते हैं।