भारतीय वॉन्ड यील्ड बढ़कर 7 फीसदी के पार, जानिए बढ़त की वजह
मंगलवार (22 सितंबर) को भारतीय बॉन्ड यील्ड में ज्यादा हलचल देखने को नहीं मिली। हालांकि, 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड थोड़ी बढ़कर 7.0498 फीसदी पर पहुंच गई।
बाजार संयुक्त राष्ट्र में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बातचीत में अगर, कोई प्रगति होती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसका असर दिख सकता है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रेंट क्रूड ऑयल अभी भी 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल से ऊपर के स्तर पर बना हुआ है।
सऊदी तेल आपूर्ति और अमेरिकी यील्ड का असर
सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन करीब 29 लाख बैरल तेल भेज रहा है। इससे तेल की आपूर्ति से जुड़ी कुछ चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं।
दूसरी तरफ, अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा हाल ही में ब्याज दरें बढ़ाने के बाद 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड अब 4.95 फीसदी की तरफ नीचे आ रही है। इस बदलाव के बाद निवेशक यह अनुमान लगा रहे हैं कि क्या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाएगा।
सभी की निगाहें इन वैश्विक गतिविधियों पर टिकी हैं, ताकि यह पता चल सके कि इनका असर घरेलू बाजार में कीमतों और ब्याज दरों पर किस तरह होगा?