डॉलर के मुकाबले 95.17 पर थोड़ा मजबूत हुआ रुपया, अभी हैं ये चुनौतियां
मंगलवार (27 अक्टूबर) को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत होकर 95.17 पर पहुंच गया। एक दिन पहले यह 95.19 पर बंद हुआ था, जिससे आज इसमें हल्की बढ़त देखने को मिली है।
भले ही यह एक छोटी-सी बढ़त हो, लेकिन रुपया अभी भी 2 बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनमें पहली अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और दूसरी विदेशी निवेश को लेकर बनी अनिश्चितता है। ये दोनों ही चीजें आमतौर पर रुपए के लिए मुश्किलें खड़ी करती हैं।
शेयर के मुकाबले बॉन्ड से ज्यादा पैसा निकला
यहां कच्चे तेल की कीमतें बहुत मायने रखती हैं। भू-राजनीतिक तनावों के चलते ब्रेंट क्रूड तेल 115 डॉलर (करीब 11,000 रुपये) प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।
इससे भारत का आयात बिल बढ़ जाता है और अमेरिकी डॉलर की मांग भी तेज हो जाती है। इसके अलावा, विदेशी निवेश की स्थिति भी डांवा-डोल रही है।
हाल के आंकड़ों से पता चला है कि शेयर बाजार में जितना पैसा आया है, उससे कहीं ज्यादा पैसा बॉन्ड बाजार से बाहर निकल गया है। इस वजह से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है और ट्रेडर्स के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी सतर्क बना हुआ है।