मध्य पूर्व में तनाव के कारण एक सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर गिरा तांबा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते तांबा एक हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। दरअसल, अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरान के ड्रोन ऑपरेशन पर हमला किया था।
इस हमले के बाद तेल और अमेरिकी डालर के दाम तेजी से बढ़ गए, जिससे महंगाई बढ़ने और दुनिया की अर्थव्यवस्था के धीमी पड़ने की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। इसी का सीधा असर मेटल बाजार पर पड़ रहा है।
कई बाजारों में आई तांबे में गिरावट
लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर गुरुवार (28 मई) को तांबा 13,514.50 डालर (करीब 12.5 लाख रुपये) प्रति टन पर आ गया। यह 21 मई के बाद का सबसे निचला स्तर है।
शंघाई में कीमतें और भी ज्यादा गिर गईं। वहां 1.1 फीसदी की गिरावट के साथ कीमतें 20 मई के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं।
एल्युमीनियम और निकेल की कीमतों में भी 0.1 से 1.1 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई।
मेटल ट्रेडर ताई वोंग ने बताया कि अगर, ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल कायम रहता है तो धातुओं की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना कम है।