निफ्टी 22,600 से फिसलकर 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंची, जानिए क्या है वजह
निफ्टी 50 मंगलवार (29 सितंबर) को 6 महीने के निचले स्तर पर आ गया। पिछले सेशन में दिखी जबरदस्त बिकवाली का सिलसिला जारी रहा क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया था।
इंडेक्स 0.92 फीसदी गिरकर 22,569.65 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। 6 महीने के चार्ट पर निफ्टी में 1.06 फीसदी की गिरावट देखी गई।
पिछले महीने में निफ्टी 6.57 फीसदी और पिछले सप्ताह में 3.18 फीसदी गिरा है। साल की शुरुआत से अब तक इंडेक्स 13.53 फीसदी नीचे है, जब इसने 26,328.55 का उच्चतम स्तर छुआ था।
वित्तीय कंपनियों को लगा झटका
इस गिरावट से सबसे ज्यादा मार वित्तीय कंपनियों पर पड़ी। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। इन कंपनियों को इंश्योरेंस से जुड़ी फर्मों के लिए आए नए रेग्युलेटरी प्रस्तावों के कारण झटका लगा। यह बदलाव सोमवार को आई 1.6 फीसदी की गिरावट के बाद हुआ है, जब निफ्टी 22,780.25 पर बंद हुआ और सेंसेक्स 1,124 अंक गिर गया, जिससे निवेशकों की लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खत्म हो गई। दोनों बेंचमार्क लगभग 6 महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुए।
इसी बीच, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 5,353.22 करोड़ रुपये निकाल लिए। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन विदेशी निकासी भारी पड़ गई। फिलहाल भारतीय बाजारों के लिए वैश्विक चुनौतियां भी मुश्किल खड़ी कर रही हैं, जैसे अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड का बढ़ना भी एक बड़ी वजह है।