कच्चे तेल में गिरावट के चलते सरकारी बॉन्ड में आई तेजी
सोमवार को भारतीय सरकारी बॉन्डों में तेजी देखने को मिली। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिर गईं। दरअसल, ईरानी अधिकारी और कतर के मध्यस्थ लगातार तीसरे दिन बातचीत कर रहे थे, जिसका मकसद अमेरिका-इजरायल के ईरान पर युद्ध को खत्म करना है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3.2 फीसदी गिरकर 109.75 डॉलर (करीब 10,400 रुपये) प्रति बैरल पर आ गईं। दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक होने के कारण भारत को इस गिरावट से महंगाई की चिंता और बजट पर पड़ने वाले दबाव से कुछ राहत मिल सकती है।
बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट
तेल की कीमतें कम होने से बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई। 2036 का बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड 7.3612 फीसदी तक फिसल गया, वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया थोड़ा मजबूत हुआ।
अब ट्रेडर्स की नजरें अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर टिकी हैं। इसकी वजह यह है कि अगर, कोई शांति समझौता होता है तो इससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी कर सकता है।
RBI तीसरी तिमाही में महंगाई दर को 6 फीसदी के करीब रहने का अनुमान लगा रहा था और उसी के लिए तैयारी कर रहा था।