अमेरिका में H-1B और L-1 वीजा विस्तार की फीस बढ़ोतरी की तैयारी
अमेरिकी सरकार H-1B और L-1 वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए फीस बढ़ाने की योजना बना रही है। ये वो वीजा हैं, जिनका इस्तेमाल अमेरिका के टेक सेक्टर में काम करने वाले भारतीय पेशेवर बड़ी संख्या में करते हैं।
अगर, यह योजना लागू होती है तो ऐसी कंपनियों को जिनके पास 50 से ज्यादा अमेरिकी कर्मचारी हैं और उनमें से आधे से ज्यादा इन वीजा पर हैं को नए कर्मचारियों को रखने या ट्रांसफर करने के अलावा, किसी भी कर्मचारी का वीजा हर बार बढ़ाने पर भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
H-1B वीजा विस्तार में भारतीयों की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
इस कदम का सबसे ज्यादा असर भारतीय कामगारों और अमेजन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ेगा।
अकेले 2025 में कुल H-1B मंजूरी में से 71 फीसदी नौकरी जारी रखने के लिए थे और लगभग 77.6 फीसदी H-1B वीजा विस्तार भारतीयों को मिला।
हर साल बड़ी कंपनियों की तरफ से हजारों वीजा विस्तार आवेदन आते हैं। ऐसे में, फीस बढ़ने से कंपनियों और उनके उन कुशल कर्मचारियों, जो अमेरिका में लंबे समय तक रुकना चाहते हैं, दोनों के लिए खर्च बढ़ जाएगा।