अमेजन ने भारत में जल संरक्षण के प्रयासों का किया खुलासा
अमेजन ने कहा है कि उसके भारतीय परिचालन ने पानी बचाने के मामले में एक अहम मुकाम हासिल किया है। यह ऐसे समय में हुआ है, जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों पर ज्यादा प्राकृतिक संसाधन इस्तेमाल करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स के विस्तार को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
वह भारत में आधिकारिक तौर पर 'वॉटर पॉजिटिव' हो गई है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने कार्यालयों, गोदामों और डाटा सेंटर्स में जितना पानी इस्तेमाल करती है, उससे ज्यादा पानी वह स्थानीय समुदायों को वापस लौटा रही है।
उसकी यह बड़ी उपलब्धि अपने तय लक्ष्य से एक साल पहले ही हासिल कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अपने सेंटर्स में पानी की खपत कम करने के साथ-साथ वॉटरशेड बहाली और कुशल सिंचाई के प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
भारत में करेगी करीब 3,300 अरब रुपये का निवेश
भारत फिलहाल एक गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। दुनिया के कुल मीठे पानी का सिर्फ 4 फीसदी हिस्सा भारत में है, जबकि यहां दुनिया की 18 फीसदी आबादी रहती है।
ऐसी चुनौती के बावजूद अमेजन के भारतीय डाटा सेंटर अब बिना पानी के ही कूलिंग सिस्टम पर चलते हैं, जिससे पानी की और ज्यादा बचत होती है। इन मुश्किलों के बावजूद अमेजन ने 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर (करीब 3,300 अरब रुपये) से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है।
इसी कड़ी में अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) भी महाराष्ट्र में करीब 8.2 अरब डॉलर (करीब 780 अरब रुपये) का निवेश करने की तैयारी में है, वहीं माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दूसरी बड़ी तकनीकी दिग्गज कंपनियां भी यहां अपना निवेश लगातार बढ़ा रही हैं।