महंगे जेट फ्यूल और ईरान तनाव से निपटने के लिए अकासा एयर जुटा रही 1,050 करोड़ रुपये
एयरलाइन कंपनी अकासा एयर ने बढ़ते जेट फ्यूल के दामों और ईरान में चल रहे तनाव से उड़ानों में आ रही दिक्कतों से निपटने के लिए 1,050 करोड़ रुपये का फंड जुटा रही है।
एयरलाइन के कुल खर्च का लगभग 40 फीसदी हिस्सा जेट फ्यूल पर खर्च होता है। इसी को देखते हुए अकासा एयर इक्विटी के जरिए 800 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
इस रकम में से 500 करोड़ रुपये मौजूदा मालिकों से आएंगे, जबकि बाकी पूंजी एक एशियाई और एक अमेरिकी निवेशक से मिलेगी।
250 करोड़ रुपये के सरकारी कर्ज पर कर रही बात
इन मुश्किलों के बावजूद अकासा एयर अपनी रफ्तार बनाए हुए है। वह युद्ध से प्रभावित एयरलाइंस के लिए शुरू की गई सरकारी योजना के तहत 250 करोड़ रुपये का कर्ज लेने पर बातचीत कर रही है।
एक तरफ जहां इस बार दूसरी भारतीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों में कटौती की है, वहीं अकासा ने मार्च और अप्रैल में पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी ज्यादा उड़ानें भरीं।
पिछले वित्त वर्ष में कमाई 37 फीसदी बढ़ी
पिछले वित्त वर्ष में अकासा की कमाई में 37 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इसकी एक बड़ी वजह उसकी क्षमता में 30 फीसदी का इजाफा रहा।
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अंकुर गोयल का कहना है कि इस वित्त वर्ष में भी एक बड़ी बढ़ोतरी की योजना है। अब अकासा के पास 40 बोइंग 737 मैक्स विमानों का बेड़ा है, जो बताता है कि कंपनी जल्द अपनी रफ्तार धीमी नहीं करने वाली है।