पानी के संकट से जूझ रहे भारत को मिलेगी AIIB से अरबों डॉलर की मदद
भारत कई सालों के सबसे गंभीर सूखे से जूझ रहा है। अल नीनो और कमजोर मानसून इसकी मुख्य वजहें हैं। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (AIIB) अब जल परियोजनाओं के लिए अपनी मदद बढ़ाने की सोच रहा है।
दरअसल, 2016 से अब तक भारत में AIIB के कुल 13.8 अरब डॉलर (करीब 1,300 अरब रुपये) के निवेश में से 7 फीसदी से भी कम हिस्सा जल क्षेत्र में लगाया गया था, इसलिए अब इस पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
इस नई पहल से महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों को मौजूदा जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी।
लोन सिंचाई और अपशिष्ट जल के दोबारा इस्तेमाल में मदद करेंगे
AIIB बड़े सुधारों के लिए कर्ज उपलब्ध करा रहा है। इसमें सोलर सिंचाई पंपों के लिए ऑटोमेटेड शट-ऑफ सिस्टम और बेहतर जल प्रबंधन प्रणालियां शामिल हैं।
एक साझा अध्ययन के मुताबिक, ट्रीटेड अपशिष्ट जल के दोबारा इस्तेमाल में 35 अरब डॉलर (करीब 3,300 अरब रुपये) और माइक्रो-इरिगेशन तकनीक में 118 अरब डॉलर (करीब 11,000 अरब रुपये) का निवेश हो सकता है।
इसके अलावा, AIIB ज्यादा से ज्यादा प्राइवेट निवेशकों को भी इस क्षेत्र से जोड़ना चाहता है, खासकर उन शहरी यूजर्स में, जो स्मार्ट मीटर का उपयोग करती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत के कुल ताजे पानी का करीब 80 फीसदी हिस्सा खेती में ही उपयोग होता है।