AI कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा डगमगाया, अमेरिकी बाजार से 2.5 लाख करोड़ डॉलर साफ
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के भविष्य और इस क्षेत्र में हो रहे भारी निवेश को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसका असर शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में दिखाई दिया। अमेरिकी बाजार में एक कारोबारी सत्र के दौरान करीब 2.5 लाख करोड़ डॉलर की पूंजी घट गई। एशियाई बाजारों में भी कारोबार शुरू होते ही भारी बिकवाली हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब 9 फीसदी गिर गया, जिसके बाद वहां 20 मिनट तक कारोबार रोकना पड़ा।
अमेरिकी बाजार
अमेरिकी बाजार में भी बड़ी गिरावट
एशियाई बाजारों में गिरावट से पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली थी।
नैस्डैक कंपोजिट 5.52 फीसदी गिरकर अपने रिकॉर्ड स्तर से 10 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गया। इस गिरावट के साथ यह सुधार के दौर में पहुंच गया। डाउ जोन्स में भी 1,833 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
इससे पिछले कारोबारी दिन यह सूचकांक 1,569 अंक चढ़ा था। एक दिन की बढ़त अगले ही दिन खत्म हो गई।
शेयर
एनवीडिया समेत तकनीकी कंपनियों के शेयर टूटे
बाजार में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर AI से जुड़ी कंपनियों पर पड़ा है।
एनवीडिया के शेयर 9.3 फीसदी गिर गए, जबकि सेमीकंडक्टर कंपनियों का सूचकांक 12.3 फीसदी नीचे आ गया। टेस्ला के शेयरों में 11 फीसदी और स्पेस-X में 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
AI कंपनियों को कंप्यूटिंग सुविधाएं देने वाली कोरवीव के शेयर करीब 10 फीसदी और नेबियस के शेयर लगभग 15 फीसदी टूट गए। इससे तकनीकी क्षेत्र में निवेश को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
वजह
टेक्सास में डाटा सेंटर निर्माण पर रोक की आशंका
अमेरिका के टेक्सास में डाटा सेंटर बनाने को लेकर पैदा हुई चिंता भी बाजार की गिरावट की एक वजह मानी जा रही है।
राज्य की नवनिर्वाचित गवर्नर जीना हिनोजोसा ने डाटा सेंटर निर्माण पर अस्थायी रोक लगाने और कंपनियों को मिलने वाली कुछ कर छूट खत्म करने की बात कही है।
टेक्सास में गूगल, मेटा, ओरेकल और OpenAI जैसी बड़ी कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं। ऐसे में नई पाबंदियों से AI क्षेत्र की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
चिंता
AI पर भारी खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता
निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि AI तकनीक और डेटा सेंटर पर कंपनियां जितना पैसा खर्च कर रही हैं, क्या उससे भविष्य में उतनी कमाई हो पाएगी।
इसी बीच क्वालकॉम के शेयर 9.5 फीसदी गिर गए। कंपनी ने कमजोर नतीजों के साथ मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों को कारोबार के लिए चुनौती बताया है।
बाजार में डर का संकेत माने जाने वाला VIX सूचकांक करीब 70 फीसदी चढ़ गया। अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की मांग भी बढ़ी है।