AI आने के बाद IT कंपनियों में कम हो रही बेंच कर्मचारियों की संख्या
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और विप्रो जैसी बड़ी टेक कंपनियां अपने बेंच कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं।
बेंच कर्मचारी वे होते हैं, जिन्हें फिलहाल किसी प्रोजेक्ट पर काम नहीं मिला होता। AI के आने से पहले इन कंपनियों में बेंच पर बैठे कर्मचारियों की संख्या 20-30 फीसदी तक होती थी, लेकिन पिछले 3 सालों में यह घटकर 12 फीसदी से भी कम हो गई है।
उम्मीद जताई जा रही है कि बेहतर योजना और ज्यादा ऑटोमेशन के चलते वित्त वर्ष 2027 तक यह आंकड़ा और घटकर 8 से 10 फीसदी तक आ जाएगा।
अब खास कौशल पर ज्यादा फोकस
IT कंपनियां अपने बेंच कर्मचारियों को प्रोजेक्ट्स पर भेजने की गति तेज कर रही हैं। पहले जहां उन्हें 2 महीने तक इंतजार करना पड़ता था, अब यह समय घटकर लगभग एक महीने रह गया है।
अब वे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कौशल को ज्यादा महत्व दे रही हैं। इंफोसिस हजारों फ्रंटियर इंजीनियर्स को काम पर रख रही है, वहीं TCS व्यावहारिक सीखने और कौशल-आधारित भर्तियों पर जोर दे रही है, जबकि टेक महिंद्रा ने भी एक ब्रेक के बाद दोबारा भर्ती शुरू कर दी है।
यह सब बताता है कि AI के बढ़ते प्रभाव के बीच कर्मचारियों की दोबारा ट्रेनिंग और विशेष कौशल वाली भर्तियां ही अब उद्योग का नया चलन बन गया है।