भारतीय अस्पतालों में काम का बोझ कम करने के लिए हो रहा AI का इस्तेमाल
भारतीय अस्पतालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपनी जगह बना रहा है। यह मुख्य रूप से कामकाज को आसान बनाने और प्रशासनिक कामों को तेजी से निपटाने में काम आ रहा है। मरीजों की जांच करने या उनका इलाज करने के मामले में यह तकनीक अभी पीछे है।
एक अच्छी बात यह है कि 2023 से अब तक नए AI मॉडल के इस्तेमाल का खर्च करीब 92 फीसदी कम हो गया है। साथ ही, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतर होता जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
लागू करने में आ रहीं ये बाधाएं
कुछ बड़ी बाधाएं अभी भी मौजूद हैं। भारतीय अस्पतालों में से केवल करीब 35 फीसदी ही इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) का उपयोग करते हैं और इनमें से भी ज्यादातर अस्पताल बड़े शहरों में हैं। नियमों और डाटा प्राइवेसी को लेकर भी अभी कुछ अस्पष्टता बनी हुई है।
फिर भी विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर, अस्पताल बेहतर डाटा सिस्टम में निवेश करें और चिकित्सकों का विश्वास जीतें तो AI दूरदराज के मरीजों की देखभाल और पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में काफी उपयोगी हो सकता है।