AI डाटा सेंटर के कारण निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा, बिजली मिस्त्रियों की चांदी
बड़ी टेक कंपनियों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर बनाने की होड़ ने अमेरिका में कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र को सबसे ज्यादा कमाई वाले कामों में से एक बना दिया है।
गूगल और मेटा जैसी कंपनियां अपने डाटा सेंटर तैयार करने के लिए जरूरी कारीगरों, खासकर बिजली मिस्त्रियों को प्रशिक्षित करने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं।
इसी वजह से हुनरमंद लोगों, खासकर बिजली मिस्त्रियों की भारी मांग बढ़ गई है। सिर्फ OpenAI का डेट्रॉइट प्रोजेक्ट ही मिशिगन का अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश है और इसे पूरा करने के लिए सैकड़ों बिजली मिस्त्रियों को लंबे समय तक काम करना होगा।
अब डाटा सेंटर से जुड़े कामों में दूसरे कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के मुकाबले ज्यादा पैसा मिलने लगा है, जिसके कारण लोग दूसरे प्रोजेक्ट्स छोड़कर यहां आ रहे हैं।
कंपनियां डाटा सेंटर ट्रेनिंग को कर रहीं फंड
इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़ी टेक कंपनियां कामगारों की ट्रेनिंग में भारी निवेश कर रही हैं। गूगल ने बिजली मिस्त्री की अप्रेंटिसशिप बढ़ाने के लिए 5 करोड़ डॉलर (करीब 450 करोड़ रुपये) का फंड दिया है। इसका लक्ष्य है कि अगले 3 सालों में यूनियन में सालाना अप्रेंटिसशिप करने वालों की संख्या 19,500 से बढ़कर 30,000 हो जाए।
ब्लैकरॉक भी टेक्सस में डाटा सेंटर की नौकरियों के लिए चलाए जा रहे 10 करोड़ डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) के एक प्रोग्राम को समर्थन दे रहा है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि डाटा सेंटर लगाने और रखरखाव के काम अब दूसरे ऐसे ही कामों के मुकाबले 42 फीसदी ज्यादा भुगतान करते हैं। यही नहीं, कंपनियां कामगारों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए बोनस भी दे रही हैं।