AI और डाटा सेंटर की बढ़ती मांग से क्लीनमैक्स को मिली रफ्तार
भारत का रिन्यूएबल एनर्जी अभियान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लगातार काम करने वाले डाटा सेंटर्स की वजह से तेजी पकड़ रहा है।
क्लीनमैक्स के प्रमुख कुलदीप जैन बताते हैं कि अब ज्यादा कंपनियां अपने कामकाज को 24 घंटे चालू रखने के लिए विंड-सोलर हाइब्रिड और बैटरी स्टोरेज को अपना रही हैं।
इस बदलाव के चलते कंपनी ने भी अपनी क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो में तेजी से विस्तार किया है।
10 गुना बढ़ी ऊर्जा बिक्री
केवल 2 साल के अंदर क्लीनमैक्स ने टेक सेक्टर को ऊर्जा देने से आगे बढ़कर अब अपने 6GW रिन्यूएबल एनर्जी की कुल बिक्री का 42 फीसदी हिस्सा डाटा सेंटर और AI ग्राहकों को बेचना शुरू कर दिया है। यह आंकड़ा करीब 10 गुना बढ़ गया है।
कंपनी के साझेदारों में गूगल, मेटा, ऐपल जैसे बड़े वैश्विक नाम शामिल हैं। इनके अलावा, STT GDC और इक्विनिक्स जैसे बड़े डाटा सेंटर ऑपरेटर भी कंपनी के साथ जुड़े हैं।
क्लीनमैक्स के पास अभी 3.5GW की क्षमता चालू है और कुछ नए प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। भारत में आ रहे डिजिटल बूम की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 तक 1.5GW और क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है।