कच्चे तेल में उछाल से बिटकॉइन 84,000 डॉलर से नीचे फिसला
ईरानी टैंकरों पर हुए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आया। इसका असर बिटकॉइन पर भी दिखा, जो 1.5 फीसदी गिरकर 84,200 डॉलर (करीब 80 लाख रुपये) पर पहुंच गया।
मंगलवार को बिटकॉइन 86,600 डॉलर (करीब 82 लाख रुपये) के आस-पास ट्रेड कर रहा था, लेकिन बुधवार की शुरुआत में इसमें तेजी से गिरावट आई और यह लगभग 83,840 डॉलर (करीब 79.5 लाख रुपये) तक गिर गया, जो 84,000 डॉलर (करीब 79.80 लाख रुपये) के उस स्तर से भी नीचे था।
इस वैश्विक तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में मजबूती आई, जिससे क्रिप्टोकरेंसी पर और दबाव बढ़ गया। क्रिप्टो बाजार की जानकारी देने वाली फर्म एफएक्सप्रो ने बताया है कि अगर, बिटकॉइन 83,000 डॉलर (करीब 78.5 लाख रुपये) के स्तर से नीचे जाता है तो यह तेजी से गिरकर 80,000 डॉलर (करीब 76 लाख रुपये) तक पहुंच सकता है। इस दौरान डोजकाइन और ईथर जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसीज की कीमत भी कम हुई।
एशियाई बाजार भी फिसले
डोजकाइन की कीमत 5 फीसदी गिरकर 9 सेंट (करीब 8.5 रुपये) पर आ गई, वहीं ईथर में भी 3.5 फीसदी की गिरावट दिखी और यह करीब 2,610 डॉलर (करीब 2.4 लाख रुपये) पर पहुंच गया। इसी तरह, XRP की कीमत में भी लगभग 3 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। इसके चलते MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6 फीसदी नीचे फिसल गया।
इन सबके बीच, सभी की निगाहें फेडरल रिजर्व (फेड) की सितंबर की बैठक के मिनट्स पर टिकी हैं। पिछले महीने हुई ब्याज दर में छोटी बढ़ोतरी और कमजोर नौकरी आंकड़ों को देखते हुए लोग कयास लगा रहे हैं कि साल खत्म होने से पहले ब्याज दरें स्थिर रहेंगी या उनमें फिर से बदलाव होगा।