अगस्त में भारतीय स्टार्टअप्स ने जुटाई करीब 9,000 करोड़ रुपये की फंडिंग
जुलाई में धीमी फंडिंग के बाद अगस्त में भारतीय स्टार्टअप्स ने जोरदार वापसी की है। इस महीने उन्होंने कुल 88 सौदों के जरिए 95.40 करोड़ डॉलर (करीब 9,000 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई।
इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा ग्रोथ और लेट-स्टेज राउंड से आया। रिवर मोबिलिटी को 12 करोड़ डॉलर (करीब 1,100 करोड़ रुपये) और नवी को 10 करोड़ डॉलर (करीब 900 करोड़ रुपये) की बड़ी फंडिंग मिली। इन दोनों बड़े सौदों की बदौलत कुल फंडिंग एक अरब डॉलर (करीब 90 अरब) के आंकड़े के करीब पहुंच गई।
EV सेक्टर को मिला सबसे ज्यादा पैसा
अगस्त में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर सबसे आगे रहा। इस सेक्टर के 6 सौदों में कुल 25.61 करोड़ डॉलर (करीब 2,400 करोड़ रुपये) की फंडिंग हुई, जो कुल फंडिंग का एक चौथाई से भी ज्यादा है।
फिनटेक स्टार्टअप्स दूसरे नंबर पर रहे, जिन्होंने 8 सौदों के जरिए 20.09 करोड़ डॉलर (करीब 1,900 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों ने 13 सौदों से 13.44 करोड़ डॉलर (करीब 1,200 करोड़ रुपये) अपने नाम किए।
47 सौदों के साथ बेंगलुरु फंडिंग जुटाने में आगे
फंडिंग के मामले में बेंगलुरु का दबदबा साफ दिखा। यहां 47 सौदों के जरिए 65.76 करोड़ डॉलर (करीब 6,200 करोड़ रुपये) की फंडिंग मिली, जो कुल स्टार्टअप फंडिंग का लगभग 69 फीसदी है।
दिल्ली NCR और मुंबई भले ही बेंगलुरु से पीछे रहे, लेकिन यहां भी अच्छा-खासा निवेश देखने को मिला। इससे पता चलता है कि भारत में स्टार्टअप की ज्यादातर गतिविधियां इन्हीं बड़े शहरों के इर्द-गिर्द घूमती हैं।