अमेरिका, यूरोप से चीन तक महंगाई की मार, बैंकों ने ब्याज दरें घटाई
चीजों के दाम हर जगह बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। अमेरिका में अप्रैल में लोगों ने खर्च में ज्यादा इजाफा नहीं किया, क्योंकि 2023 के बाद महंगाई अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
यह लगातार तीसरा महीना रहा, जब लोगों की खर्च लायक आय घट गई। साथ ही, किराने का सामान भी महंगा होता चला गया। इसके पीछे खराब मौसम, टैरिफ और मवेशियों की संख्या में कमी जैसे कारण भी रहे।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक बढ़ा सकता है ब्याज दरें
यूरोप में भी महंगाई बहुत तेजी से बढ़ रही है। फ्रांस में यह 2.8 फीसदी, इटली में 3.3 फीसदी और स्पेन में 3.6 फीसदी तक पहुंच गई है। कीमतें जिस तरह बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक जल्द ही ब्याज दरें बढ़ा सकता है। ऐसा करने से महंगाई की रफ्तार पर कुछ लगाम लग सकती है।
दबाव कम करने के किए जा रहे प्रयास
इस महंगाई और आर्थिक दबाव को सिर्फ पश्चिमी देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया महसूस कर रही है। चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए मुख्य ब्याज दरें घटा दी हैं। पेरू ने समुद्र के गर्म होने के कारण एंकोवी मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है, जिससे दुनियाभर में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हं। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने संघर्ष से पैदा हुई महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ा दी हैं।